शब्दै मारा गिर पड़ा, शब्दै छोड़ा राज।
जिन्ह जिन्ह शब्द विचारिया, ताको सर गयो काज।।
अर्थ: शब्द की शक्ति इतनी प्रबल है कि यह अहंकार को गिरा सकती है और सत्य के गुप्त रहस्यों को खोल सकती है। जिसने वास्तव में शब्द (दिव्य ध्वनि या सत्य) पर गहन विचार किया और उसे आत्मसात किया, उसके जीवन के सभी कठिन कार्य और आध्यात्मिक बाधाएं स्वतः समाप्त हो गईं।
Meaning: The power of the 'Shabad' (Divine Word) is so potent that it can shatter the ego and unlock the hidden secrets of existence. Those who have deeply contemplated and realized the essence of this Word find that their spiritual struggles and worldly burdens are effortlessly resolved.









